दो दोस्त, 4000 किताबें और 10,000 किमी का सफ़र
अमूमन सफ़र के दौरान हम आप कितनी किताबें लेकर निकलते हैं? आपका रिकॉर्ड चाहे जो हो, लेकिन आप शताब्दी मिश्रा और अक्षय रावतारे को इस मामले में पीछे नहीं छोड़ सकते.
शताब्दी मिश्रा और अक्षय रावतारे इन दिनों अपनी मिनी वैन में 10 हज़ार किलोमीटर की यात्रा पर निकले हुए हैं. इस सफ़र में उनके साथ चार हज़ार किताबें हैं.
इसकी एक वजह है. दरअसल दोनों एक मिशन पर हैं. उनका उद्देश्य शहरों, कस्बों और गांवों में किताब पढ़ने को प्रमोट करना है. उनके मुताबिक ज़्यादा से ज्यादा भारतीयों को किताबें पढ़ने की जरूरत है.
शताब्दी मिश्रा और अक्षय रावतारे इन दिनों अपनी मिनी वैन में 10 हज़ार किलोमीटर की यात्रा पर निकले हुए हैं. इस सफ़र में उनके साथ चार हज़ार किताबें हैं.
इसकी एक वजह है. दरअसल दोनों एक मिशन पर हैं. उनका उद्देश्य शहरों, कस्बों और गांवों में किताब पढ़ने को प्रमोट करना है. उनके मुताबिक ज़्यादा से ज्यादा भारतीयों को किताबें पढ़ने की जरूरत है.
दोनों दोस्तों ने अपनी यात्रा की शुरुआत दिसंबर 2015 में पूर्वोत्तर भारत के भुवनेश्वर से की थी. बीबीसी की टीम ने इन दोनों से उत्���र प्रदेश में मुलाकात की.
शताब्दी मिश्रा और अक्षय रावतारे की जोड़ी का...read more
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